RBI Cancelled NBFC List (2026): पूरी जानकारी और लेटेस्ट अपडेट

RBI ने जून 2026 में 135 NBFCs (Non-Banking Financial Companies) का Certificate of Registration (CoR) रद्द किया है — इनमें से ज़्यादातर West Bengal की कंपनियाँ हैं। यह RBI की एक नियमित (लगभग हर महीने होने वाली) कार्रवाई है, जो गैर-अनुपालक NBFCs को सिस्टम से बाहर करने के लिए की जाती है। नीचे हाल की सभी कैंसिलेशन, इसके कारण, और यह चेक करने का तरीका है कि कोई कंपनी इस लिस्ट में है या नहीं।

⚠️ नोट: यह लेख नियमित रूप से अपडेट किया जाता है, लेकिन RBI हर महीने नई कैंसिलेशन जारी करता है। सबसे ताज़ा और आधिकारिक जानकारी के लिए हमेशा rbi.org.in की Press Releases सेक्शन ज़रूर चेक करें।

हाल की RBI NBFC कैंसिलेशन — टाइमलाइन

पिछले कुछ महीनों में RBI ने कई बार बड़ी संख्या में NBFCs का रजिस्ट्रेशन रद्द किया है। नीचे हालिया कार्रवाइयों की सूची दी गई है:

महीनारद्द NBFCs की संख्यामुख्य राज्य
जून 2026135 (+13 surrendered)West Bengal (125), Maharashtra, Delhi
अप्रैल 2026 (घोषणा मई में)150 (+7 surrendered)West Bengal (75), Delhi (67)
मार्च 202654Delhi-NCR
जनवरी 202635Delhi-NCR क्षेत्र
दिसंबर 202535मिश्रित राज्य

पैटर्न साफ़ है — RBI लगातार, हर महीने के आसपास, गैर-अनुपालक NBFCs पर कार्रवाई कर रहा है। यह किसी एक बार की घटना नहीं बल्कि एक सतत नियामक (regulatory) प्रक्रिया है।

NBFC का रजिस्ट्रेशन रद्द क्यों होता है?

RBI, RBI Act 1934 के Section 45-IA(6) के तहत NBFCs का Certificate of Registration रद्द करता है। मुख्य कारण होते हैं:

  • नियामक (regulatory) शर्तों का पालन न करना
  • जिन शर्तों पर रजिस्ट्रेशन मिला था, वो पूरी न करना
  • NBFC का कारोबार बंद कर देना या अन्य व्यवसाय में बदल जाना
  • Merger, amalgamation, या दिवालियेपन के कारण कंपनी का वजूद ही खत्म हो जाना
  • Unregistered Core Investment Company (CIC) के रूप में क्वालीफाई करना, जिसके लिए रजिस्ट्रेशन ज़रूरी नहीं

ध्यान दें: RBI हर कंपनी के लिए अलग से कारण सार्वजनिक नहीं करता — नोटिफिकेशन में सिर्फ़ यह लिखा होता है कि Section 45-IA(6) के तहत कार्रवाई की गई है।

रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद क्या होता है?

जिन कंपनियों का CoR रद्द हो जाता है, वो अब NBFC के रूप में कोई भी कारोबार नहीं कर सकतीं — यानी लोन देना, निवेश की गतिविधियाँ, leasing या hire-purchase जैसी सेवाएँ बंद करनी होंगी। हालाँकि कंपनी एक कॉर्पोरेट इकाई के तौर पर मौजूद रह सकती है और अन्य (गैर-NBFC) कारोबार जारी रख सकती है, बशर्ते वो लागू कानूनों का पालन करे। संक्षेप में — कंपनी बंद नहीं होती, लेकिन वो खुद को “RBI-रजिस्टर्ड NBFC” नहीं बता सकती।

कैसे चेक करें कि कोई NBFC रद्द लिस्ट में है या नहीं?

अगर आप किसी NBFC से लोन ले रहे हैं, निवेश कर रहे हैं, या नौकरी ज्वाइन करने वाले हैं, तो कंपनी की RBI रजिस्ट्रेशन स्थिति जाँचना ज़रूरी है:

  1. RBI की वेबसाइट पर जाएँrbi.org.in पर “Regulated Entities” या “List of NBFCs” सेक्शन देखें।
  2. कंपनी का नाम सर्च करें — RBI रजिस्टर्ड NBFCs की पूरी सूची और CoR कैंसिलेशन की सूचनाएँ दोनों वहाँ उपलब्ध हैं।
  3. Press Releases सेक्शन चेक करें — हर महीने की नई कैंसिलेशन नोटिफिकेशन यहीं पब्लिश होती हैं।
  4. नीचे दी गई पूरी PDF लिस्ट डाउनलोड करें — इसमें RBI द्वारा अब तक cancelled सभी NBFCs और ARCs (Asset Reconstruction Companies) का ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।
📄 पूरी लिस्ट (PDF): RBI द्वारा अब तक cancelled सभी NBFCs और ARCs की पूरी सूची यहाँ देखें —
Full List of Cancelled NBFCs & ARCs (PDF)
यह एक ऐतिहासिक संकलन है। सबसे नई (latest) कैंसिलेशन के लिए ऊपर दी गई टाइमलाइन और RBI की वेबसाइट देखें।

NBFC और बैंक में क्या फ़र्क है?

NBFC, Companies Act के तहत रजिस्टर्ड ऐसी कंपनी होती है जो लोन, निवेश, leasing, hire-purchase जैसी वित्तीय सेवाएँ देती है — लेकिन इसके पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं होता। इसका मतलब है कि NBFC:

  • Demand deposit (जैसे सेविंग्स/करंट अकाउंट) स्वीकार नहीं कर सकती
  • अपने नाम से चेक जारी नहीं कर सकती
  • Payment and settlement system का हिस्सा नहीं होती

फिर भी NBFCs भारत के क्रेडिट सिस्टम में अहम भूमिका निभाती हैं, इसीलिए RBI इनकी निगरानी सख़्ती से करता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

RBI ने हाल में कितनी NBFCs का रजिस्ट्रेशन रद्द किया है?

जून 2026 में RBI ने 135 NBFCs का Certificate of Registration रद्द किया, जिनमें से ज़्यादातर West Bengal की थीं। इसके अलावा 13 NBFCs ने स्वेच्छा से अपना रजिस्ट्रेशन सरेंडर किया।

NBFC का रजिस्ट्रेशन रद्द क्यों होता है?

मुख्यतः नियामक शर्तों का पालन न करने, रजिस्ट्रेशन की शर्तें पूरी न करने, कारोबार बंद कर देने, या merger/dissolution के कारण कंपनी का वजूद खत्म होने पर RBI, Section 45-IA(6) के तहत रजिस्ट्रेशन रद्द करता है।

क्या रद्द रजिस्ट्रेशन वाली NBFC पूरी तरह बंद हो जाती है?

नहीं ज़रूरी नहीं। कंपनी कॉर्पोरेट इकाई के तौर पर मौजूद रह सकती है, लेकिन वह अब NBFC के रूप में लोन, निवेश या leasing जैसी वित्तीय सेवाएँ नहीं दे सकती।

मैं कैसे चेक करूँ कि कोई NBFC RBI में रजिस्टर्ड है या उसका रजिस्ट्रेशन रद्द हो चुका है?

rbi.org.in पर जाकर Regulated Entities सेक्शन में कंपनी का नाम सर्च करें, या RBI की Press Releases सेक्शन में हालिया कैंसिलेशन नोटिफिकेशन चेक करें।

NBFC और बैंक में क्या अंतर है?

NBFC के पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं होता, इसलिए वह demand deposit स्वीकार नहीं कर सकती, अपने नाम से चेक जारी नहीं कर सकती, और payment settlement system का हिस्सा नहीं होती — जबकि बैंक ये सभी काम कर सकते हैं।

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