1990 में MRF का शेयर प्राइस कितना था?
MRF का BSE क्लोज़िंग प्राइस 31 मार्च 1990 को ₹332 था, और साल भर कीमत लगभग ₹300–400 के बीच रही। तब से कोई स्टॉक स्प्लिट नहीं हुआ है, इसलिए यह आँकड़ा आज की कीमत (~₹1,28,500, जून 2026) से सीधे तुलना करने लायक है।
शेयर बाज़ार जोखिमों के अधीन है; बीते समय का प्रदर्शन भविष्य की गारंटी नहीं होता।
अगर आपने “MRF share price in 1990” सर्च किया है, तो जवाब आपको मिल चुका है — आगे पढ़िए 1980 का सच, 2001 का 83% क्रैश, साल-दर-साल कीमत टेबल और एक ROI कैलकुलेटर जो बताएगा कि 1990 में लगाया आपका पैसा आज कितना होता।
MRF क्या है? गुब्बारों से टायर तक
MRF (Madras Rubber Factory) भारत की सबसे बड़ी टायर निर्माता कंपनी है। कंपनी ने 1946 में मद्रास में खिलौने के गुब्बारे बनाने से शुरुआत की, 1952 में टायर निर्माण में उतरी और 1967 में अमेरिका को टायर निर्यात करने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी। शेयर की फेस वैल्यू ₹10 है और BSE कोड 500290।
1980 में MRF शेयर प्राइस कितना था?
यह सवाल Google पर बहुत खोजा जाता है, इसलिए ईमानदार जवाब ज़रूरी है: 1980 का कोई verified एक्सचेंज प्राइस डेटा publicly available नहीं है। NSE की स्थापना ही 1994 में हुई थी, और BSE के 1980 के दशक के रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध नहीं हैं। इंटरनेट पर 1980 के जो भी “exact” आँकड़े मिलते हैं, उनका कोई आधिकारिक स्रोत नहीं होता।
जो पक्का पता है वो यह: 1980 में MRF अपना R&D सेंटर शुरू कर चुकी थी और भारत की अग्रणी टायर कंपनियों में गिनी जाती थी। सबसे पुराना भरोसेमंद प्राइस पॉइंट 31 मार्च 1990 का ₹332 ही है — इसीलिए हर विश्लेषण 1990 से शुरू होता है।
MRF Share Price 1990 से 2026 — पूरा सफ़र (चार्ट)
नीचे दिया ग्राफ़ MRF की कीमत के सफ़र को दर्शाता है। ध्यान दीजिए — यह सीधी चढ़ाई नहीं थी। बीच में दो बड़े क्रैश आए (2001 और 2008), लेकिन लंबी दौड़ में कंपनी हर बार पुराना रिकॉर्ड तोड़ती गई।

1989 और 1991 में MRF शेयर प्राइस?
MRF share price in 1989: 1990 से पहले के BSE रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए 1989 का verified आँकड़ा मौजूद नहीं है — कीमत ₹332 (मार्च 1990) के आसपास ही रही होगी। MRF share price in 1991: जुलाई 1991 के उदारीकरण और उसके बाद की बाज़ार तेज़ी के साथ MRF Tyres का शेयर ₹332 से ऊपर चढ़ना शुरू हो चुका था — अगले 5 सालों में यह ₹2,500 के पार पहुँचा।
साल-दर-साल मुख्य पड़ाव: MRF Share Price History Table
| साल | लगभग कीमत (₹) | मुख्य घटना |
|---|---|---|
| 1990 | ₹332 | 31 मार्च का BSE क्लोज़िंग — सबसे पुराना भरोसेमंद आँकड़ा |
| 1995-96 | ₹2,500–3,500 | उदारीकरण के बाद 5 साल में 650%+ की छलांग |
| 2000 | ₹2,820 | डॉट-कॉम बूम के दौर में |
| अक्टूबर 2001 | ₹401 | 18 महीने में 83% क्रैश — नीचे पढ़िए |
| 2007-08 | ~₹8,000 | नया हाई, फिर ग्लोबल मंदी में बड़ी गिरावट |
| सितंबर 2016 | ₹50,000 | 1 शेयर ≈ 16 ग्राम सोना! |
| जुलाई 2018 | ₹81,191 | उस दौर का हाई, फिर 3 साल consolidation |
| 2021 | ₹1,00,000 | ₹1 लाख पार करने वाला पहला भारतीय शेयर |
| फ़रवरी 2024 | ₹1,51,445 | उस समय का रिकॉर्ड हाई |
| 24 अक्टूबर 2025 | ₹1,63,600 | ऑल-टाइम-हाई |
| जून 2026 | ~₹1,28,500 | ATH से नीचे, consolidation का दौर |
नोट: ये ऐतिहासिक संदर्भ के आँकड़े हैं और कीमतें रोज़ बदलती हैं। ताज़ा भाव BSE/NSE या अपने ब्रोकर ऐप पर देखें।
2001 का 83% क्रैश — MRF निवेशकों की असली परीक्षा
MRF की कहानी में सबसे कम बताया जाने वाला हिस्सा यही है। जनवरी 2000 में शेयर ₹2,500+ पर था, और डॉट-कॉम बबल फटने के बाद अक्टूबर 2001 में गिरकर सिर्फ़ ₹401 पर आ गया — 18 महीने में लगभग 83% की गिरावट। यानी जिसने 2000 में ₹1 लाख लगाया, उसके पास 2001 में सिर्फ़ ₹17–18 हज़ार बचे थे।
सीख: आज जो “₹332 से ₹1.3 लाख” वाली कहानी आसान लगती है, उसमें निवेशकों को 70–80% की गिरावट कई बार झेलनी पड़ी — 2001 में और फिर 2008 में। जो घबराकर नीचे बेच गए, वे इस कहानी का हिस्सा नहीं बन पाए।
MRF का शेयर इतना महँगा क्यों है?
सबसे बड़ी वजह बहुत सरल है — MRF ने कभी अपने शेयर को स्प्लिट नहीं किया और दशकों से कोई बोनस शेयर भी जारी नहीं किया। ज़्यादातर बड़ी कंपनियाँ समय-समय पर स्टॉक स्प्लिट या बोनस देती हैं, जिससे शेयरों की संख्या बढ़ती है और प्रति शेयर कीमत घट जाती है। MRF ने ऐसा नहीं किया, इसलिए दशकों की कमाई एक ही शेयर में जुड़ती चली गई।
आसान भाषा में: अगर एक पिज़्ज़ा को आप 8 टुकड़ों में काटें तो हर टुकड़ा सस्ता लगेगा; अगर पूरा पिज़्ज़ा एक ही टुकड़ा रहे तो वो “महँगा” दिखेगा। MRF ने अपने शेयर को कभी “टुकड़ों” में नहीं बाँटा — इसलिए एक शेयर की कीमत लाखों में पहुँच गई।
दूसरी वजह: मैनेजमेंट जानबूझकर ऊँची कीमत रखना पसंद करता है ताकि लंबी अवधि के “serious” निवेशक जुड़ें, न कि short-term सट्टेबाज़ — बिल्कुल वैसे ही जैसे Warren Buffett की Berkshire Hathaway (Class A) करती है।
1 शेयर = 16 ग्राम सोना
सितंबर 2016 में जब MRF पहली बार ₹50,000 के पार पहुँचा, तब उसका एक शेयर लगभग 16 ग्राम सोने के बराबर कीमती हो गया था। यह आँकड़ा इस बात का सबूत है कि MRF किस स्तर का “प्रीमियम” शेयर बन चुका था।
वो वायरल “करोड़ों” वाली कहानी
MRF के साथ एक मशहूर किस्सा जुड़ा है — एक निवेशक के पास 20,000 MRF शेयर थे, जो उनके दादाजी ने 1990 के आसपास खरीदे थे। जब यह कहानी वायरल हुई, तब उन शेयरों की कीमत 150 करोड़ रुपये से ऊपर आँकी गई थी। एक और वायरल वीडियो में एक निवेशक 1968 से MRF के शेयर होल्ड किए हुए थे।
भले ही इस तरह के किस्सों के सटीक आँकड़े अलग-अलग बताए जाते हों, इनका मूल संदेश एक ही है: अच्छी कंपनी में धैर्य के साथ किया गया लंबा निवेश असाधारण रिटर्न दे सकता है — बशर्ते आप 2001 और 2008 जैसी गिरावटों में भी टिके रहें।
₹10,000 का निवेश 1990 में किया होता तो आज? (ROI कैलकुलेटर)
1990 में ₹332 के भाव पर ₹10,000 से लगभग 30 शेयर मिलते। जून 2026 के भाव (~₹1,28,500) पर उन 30 शेयरों की कीमत होती लगभग ₹38.5 लाख — यानी करीब 38,000% रिटर्न, लगभग 18% सालाना (CAGR), वो भी डिविडेंड जोड़े बिना।
| खरीद का साल | भाव (लगभग) | ₹10,000 में शेयर | आज की वैल्यू (लगभग) |
|---|---|---|---|
| 1990 | ₹332 | 30 | ₹38.5 लाख |
| 2000 | ₹2,820 | 3.5 | ₹4.5 लाख |
| 2016 | ₹50,000 | 0.2 | ₹25,700 |
अपना निवेश कैलकुलेट करें
जानिए 1990 में किया गया आपका निवेश आज कितना होता!
आधार: ₹332 (1990) → ~₹1,28,500 (जून 2026)। सिर्फ़ शैक्षणिक उदाहरण; डिविडेंड शामिल नहीं।
ज़रूरी सूचना (Disclaimer): यह लेख केवल जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, यह निवेश सलाह नहीं है। बीते समय का प्रदर्शन भविष्य की गारंटी नहीं होता। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिमों के अधीन है और कीमतें रोज़ बदलती हैं। कोई भी निर्णय लेने से पहले SEBI-रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
MRF vs Apollo Tyres vs CEAT vs JK Tyre (FY2024 स्नैपशॉट)
| मेट्रिक | MRF | Apollo Tyres | CEAT | JK Tyre |
|---|---|---|---|---|
| मार्केट कैप (₹ Cr) | 58,049 | 23,500 | 8,000 | 5,700 |
| नेट प्रॉफ़िट (₹ Cr) | 2,081 | 1,800 | 550 | 300 |
| Debt-to-Equity | 0.17 | 0.50 | 0.40 | 0.75 |
| R&D खर्च (% of sales) | 3.1% | 1.9% | 1.7% | 0.9% |
कम कर्ज़ + ज़्यादा R&D + ब्रांड की पकड़ — यही वजह है कि MRF अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी Apollo से भी 2 गुना से ज़्यादा बड़ी है। (आँकड़े: FY2024 कंपनी फ़ाइलिंग्स।)
📌 इसे भी पढ़ें: भारत का सबसे महँगा शेयर — Elcid Investments की कहानी | Angel One क्या है? पूरी जानकारी हिंदी में
FAQ – MRF Share Price in 1990 & Beyond
MRF के शेयर प्राइस और उसकी ग्रोथ स्टोरी से जुड़े कुछ आम सवालों के जवाब:
31 मार्च 1990 को MRF का BSE क्लोज़िंग प्राइस ₹332 था। साल भर कीमत लगभग ₹300–400 के बीच रही। तब से कोई स्टॉक स्प्लिट नहीं हुआ है।
1980 का कोई verified एक्सचेंज डेटा publicly available नहीं है — NSE 1994 में बना और BSE के 1980 के दशक के रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध नहीं हैं। सबसे पुराना भरोसेमंद आँकड़ा 1990 का ₹332 है।
2000 में MRF लगभग ₹2,820 पर ट्रेड कर रहा था — 1990 के ₹332 से दस साल में करीब 750% की बढ़त। हालाँकि 2001 के क्रैश में यह गिरकर ₹401 तक आ गया था।
क्योंकि MRF ने कभी अपने शेयर को स्प्लिट नहीं किया और दशकों से कोई बोनस भी नहीं दिया। शेयरों की संख्या न बढ़ने से दशकों की कमाई एक ही शेयर में जुड़ती गई, जिससे प्रति शेयर कीमत लाखों में पहुँच गई।
MRF का ऑल-टाइम-हाई ₹1,63,600 है, जो 24 अक्टूबर 2025 को दर्ज हुआ। इससे पहले फ़रवरी 2024 में ₹1,51,445 का रिकॉर्ड बना था।
2021 में MRF ₹1,00,000 के पार जाने वाला भारत का पहला शेयर बना।
MRF का फुल फॉर्म है Madras Rubber Factory। कंपनी ने 1946 में खिलौने के गुब्बारे बनाने से शुरुआत की और आगे चलकर भारत की सबसे बड़ी टायर निर्माता बनी।
Final Takeaway: MRF Share Price 1990 से 2026 तक
1990 में ₹332 → 2026 में ~₹1.28 लाख: लगभग 18% CAGR, ज़ीरो स्प्लिट, ज़ीरो बोनस — और बीच में 2001 तथा 2008 जैसी 70–80% गिरावटें भी। यही 36 साल की compounding की असली तस्वीर है। अगर यह डेटा उपयोगी लगा हो, तो इसे शेयर करें या लिंक करें।
Sources: BSE historic price files; MRF annual reports; कंपनी फ़ाइलिंग्स FY2024; एक्सचेंज डेटा जून 2026 तक।
