Dwigu Samas Ke Udaharan — परिभाषा, पहचान और 30+ उदाहरण

द्विगु समास वह समास है जिसमें पहला पद (पूर्वपद) संख्यावाची (गिनती बताने वाला) होता है, और पूरा समस्त पद किसी समूह या समाहार का बोध कराता है। उदाहरण — त्रिलोक = तीन लोकों का समूह। इस लेख में परिभाषा, पहचानने का तरीका, 30+ उदाहरण, और बहुव्रीहि समास से इसका असली फ़र्क समझाया गया है — क्योंकि इन दोनों में एक जैसा ही confusion होता है जैसा कर्मधारय और बहुव्रीहि में होता है।

द्विगु समास की परिभाषा

जिस समास का पहला पद संख्यावाचक विशेषण (एक, दो, तीन, चार आदि) हो और पूरा समस्त पद किसी वस्तुओं/व्यक्तियों के समूह या समाहार को दर्शाए, उसे द्विगु समास कहते हैं। इसमें उत्तरपद (दूसरा पद) प्रधान होता है, और विग्रह करते समय अंत में “समूह” या “समाहार” शब्द जोड़ा जाता है।

ध्यान दें: कुछ व्याकरण ग्रंथों में द्विगु समास को कर्मधारय समास का उपभेद माना जाता है (क्योंकि दोनों में पहला पद विशेषण जैसा व्यवहार करता है), जबकि कुछ इसे तत्पुरुष के अंतर्गत रखते हैं। परीक्षा के लिए इसे एक स्वतंत्र भेद मानना ही सुरक्षित है, जैसा ज़्यादातर पाठ्यक्रम पढ़ाते हैं।

द्विगु समास कैसे पहचानें?

  1. क्या पहला पद कोई संख्या है? (एक, दो, तीन, चार, पंच, सप्त, नव आदि)
  2. क्या विग्रह करने पर “समूह” या “समाहार” शब्द जुड़ता है? (त्रिलोक → तीन लोकों का समूह)
  3. क्या शब्द खुद अपने बारे में बात कर रहा है, किसी तीसरे व्यक्ति की ओर इशारा नहीं कर रहा? अगर हाँ, तो यह द्विगु है — नहीं तो बहुव्रीहि हो सकता है (नीचे देखें)।

द्विगु समास के 30 उदाहरण

समस्त पदविग्रह
त्रिलोकतीन लोकों का समूह
तिरंगातीन रंगों का समूह
दोपहरदो पहरों का समाहार
चौराहाचार राहों का समूह
नवरात्रनौ रात्रियों का समूह
सप्ताहसात दिनों का समूह
त्रिभुजतीन भुजाओं का समूह
पंचवटीपाँच वटवृक्षों का समूह
नवग्रहनौ ग्रहों का समूह
त्रिवेणीतीन नदियों का समूह (संगम)
चौमासाचार मासों का समूह
सतसईसात सौ (दोहों) का समूह
त्रिफलातीन फलों का समूह
षड्ऋतुछह ऋतुओं का समूह
अष्टाध्यायीआठ अध्यायों का समूह
चौपाईचार पदों का समूह
त्रिकोणतीन कोणों का समूह
सप्तर्षिसात ऋषियों का समूह
दशकदस का समूह
शताब्दीसौ वर्षों का समूह
सहस्राब्दीहज़ार वर्षों का समूह
पंचामृतपाँच अमृत रूपी वस्तुओं का समूह
त्रिमूर्तितीन मूर्तियों (ब्रह्मा-विष्णु-महेश) का समूह
नवदुर्गादुर्गा के नौ रूपों का समूह
बारहमासाबारह महीनों का समूह
अठन्नीआठ आनों का समूह
चवन्नीचार आनों का समूह
दुअन्नीदो आनों का समूह
पंचतत्वपाँच तत्वों का समूह
चौघड़ियाचार घड़ी का समाहार

द्विगु समास बनाम बहुव्रीहि समास — असली फ़र्क

यहाँ वही confusion दोहराया जाता है जो कर्मधारय और बहुव्रीहि में होता है। चतुर्भुज और त्रिनेत्र जैसे शब्द एक ही रूप में दो अलग समास हो सकते हैं — यह इस बात पर निर्भर करता है कि शब्द खुद अपने बारे में बात कर रहा है या किसी तीसरे व्यक्ति की ओर इशारा कर रहा है।

शब्दजब द्विगु (स्वयं का वर्णन)जब बहुव्रीहि (तीसरी इकाई की ओर इशारा)
चतुर्भुज“चार भुजाओं का समूह” — यानी एक आकृति (quadrilateral)“जिसकी चार भुजाएँ हैं” — यानी विष्णु
त्रिनेत्र(सामान्यतः द्विगु रूप में प्रयुक्त नहीं)“जिसके तीन नेत्र हैं” — यानी शिव

परीक्षा टिप: अगर शब्द किसी व्यक्ति (देवता, नायक आदि) के नाम की तरह प्रयोग हो रहा है, तो प्रायः वह बहुव्रीहि है। अगर वह किसी आकृति, समय-अवधि या वस्तुओं के समूह का सीधा वर्णन कर रहा है, तो वह द्विगु है।

अभ्यास के लिए 15 प्रश्न (Practice MCQs)

  1. “त्रिलोक” का समास विग्रह क्या है?
    उत्तर: तीन लोकों का समूह (द्विगु समास)।
  2. द्विगु समास में प्रथम पद कैसा होता है?
    उत्तर: संख्यावाचक (जैसे एक, दो, तीन, पंच, सप्त, नव)।
  3. “पंचवटी” में कौन सा समास है?
    उत्तर: द्विगु समास (पाँच वटवृक्षों का समूह)।
  4. “चतुर्भुज” कब बहुव्रीहि समास बन जाता है?
    उत्तर: जब यह किसी व्यक्ति (जैसे विष्णु) की ओर इशारा करे — “जिसकी चार भुजाएँ हैं”। तब यह किसी आकृति का वर्णन नहीं, बल्कि किसी तीसरी इकाई की विशेषता बता रहा होता है।
  5. द्विगु समास का विग्रह करते समय अंत में कौन सा शब्द जुड़ता है?
    उत्तर: “समूह” या “समाहार”।
  6. “नवरात्र” में कौन सा समास है?
    उत्तर: द्विगु समास (नौ रात्रियों का समूह)।
  7. “सप्ताह” शब्द में प्रथम पद क्या है?
    उत्तर: “सप्त” (सात) — यह संख्यावाचक है, इसलिए यह द्विगु समास है।
  8. “पंचामृत” का सही विग्रह क्या है?
    उत्तर: पाँच अमृत रूपी वस्तुओं का समूह (द्विगु समास)।
  9. निम्नलिखित में कौन सा शब्द द्विगु समास नहीं है — त्रिलोक, नीलकमल, चौराहा, नवग्रह?
    उत्तर: नीलकमल — यह कर्मधारय समास है, क्योंकि इसका पहला पद संख्यावाचक नहीं बल्कि गुणवाचक (नीला) है।
  10. “शताब्दी” में कौन सा समास है?
    उत्तर: द्विगु समास (सौ वर्षों का समूह)।
  11. द्विगु समास और कर्मधारय समास में मुख्य अंतर क्या है?
    उत्तर: द्विगु में पहला पद संख्यावाचक होता है (जैसे त्रि, पंच, सप्त); कर्मधारय में पहला पद गुणवाचक विशेषण होता है (जैसे नीला, महान)।
  12. “त्रिवेणी” शब्द किस समास का उदाहरण है?
    उत्तर: द्विगु समास (तीन नदियों का समूह/संगम)।
  13. “सप्तर्षि” का सही विग्रह क्या है?
    उत्तर: सात ऋषियों का समूह (द्विगु समास)।
  14. निम्नलिखित में कौन सा शब्द संदर्भ के अनुसार द्विगु या बहुव्रीहि — दोनों हो सकता है?
    उत्तर: चतुर्भुज — आकृति के अर्थ में द्विगु, विष्णु के अर्थ में बहुव्रीहि।
  15. “दशक” शब्द में कौन सा समास है?
    उत्तर: द्विगु समास (दस वर्षों/इकाइयों का समूह)।

व्याकरण की तैयारी और मज़बूत करें:
👉 तत्पुरुष समास के 10 उदाहरण
👉 कर्मधारय समास के उदाहरण
👉 स्वर संधि के कितने भेद होते हैं?
👉 समूहवाचक संज्ञा के उदाहरण

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

द्विगु समास किसे कहते हैं?

जिस समास का पहला पद संख्यावाचक हो और पूरा समस्त पद किसी समूह या समाहार का बोध कराए, उसे द्विगु समास कहते हैं। जैसे — त्रिलोक (तीन लोकों का समूह)।

द्विगु समास किस समास का उपभेद माना जाता है?

कुछ व्याकरण ग्रंथ द्विगु समास को कर्मधारय समास का उपभेद मानते हैं, जबकि कुछ इसे तत्पुरुष के अंतर्गत रखते हैं। परीक्षा में इसे स्वतंत्र भेद मानना सुरक्षित है।

‘चतुर्भुज’ कर्मधारय है या बहुव्रीहि?

यह संदर्भ पर निर्भर करता है। जब यह किसी आकृति (quadrilateral) का वर्णन करे तो यह द्विगु समास है। जब यह विष्णु की ओर इशारा करे (‘जिसकी चार भुजाएँ हैं’), तो यह बहुव्रीहि समास है।

द्विगु समास में प्रधान पद कौन सा होता है?

द्विगु समास में उत्तरपद (दूसरा पद) प्रधान होता है। पहला पद केवल संख्या बताता है।

‘सप्ताह’ का समास विग्रह क्या है?

सप्ताह का समास विग्रह है — सात दिनों का समूह। यह द्विगु समास का उदाहरण है।

Pooja Singh writes for desidose.in, moving easily between lifestyle, sport, travel and whatever is trending that day. She turns the week’s noise into clear, lively stories you actually want to read.