भाववाचक संज्ञा के उदाहरण – 100+ भावों की सूची

भाववाचक संज्ञा के 100+ उदाहरण (Bhav vachak Sangya ke Udaharan)

भाववाचक संज्ञा (Bhav Vachak Sangya) वे शब्द हैं जो किसी भाव, गुण, दशा या अवस्था का नाम होते हैं — इन्हें देखा या छुआ नहीं जा सकता, सिर्फ़ महसूस किया जा सकता है। सबसे आम 10 उदाहरण हैं: प्यार, बचपन, मिठास, बुढ़ापा, ईमानदारी, निराशा, सुन्दरता, मित्रता, थकान, साहस। नीचे पहले 5, 10 और 20 उदाहरणों की छोटी सूची है, फिर 110 उदाहरण वाक्य सहित, 44 आम शब्दों की भाववाचक संज्ञा (जैसे घबराना → घबराहट, चोर → चोरी) और बनाने के पाँचों नियम।

भाववाचक संज्ञा उदाहरण तालिका

Table of Contents

भाववाचक संज्ञा के 5, 10 और 20 उदाहरण

भाववाचक संज्ञा के 5 उदाहरण: प्यार, बचपन, मिठास, बुढ़ापा, ईमानदारी।

भाववाचक संज्ञा के 10 उदाहरण वाक्य सहित (मोटा शब्द भाववाचक संज्ञा है):

  1. माँ के प्यार की कोई क़ीमत नहीं होती।
  2. बचपन की यादें कभी नहीं भूलतीं।
  3. शहद में बहुत मिठास होती है।
  4. बुढ़ापा आने पर शरीर कमज़ोर हो जाता है।
  5. राहुल की ईमानदारी पर सबको भरोसा है।
  6. हार के बाद टीम में निराशा छा गई।
  7. ताजमहल की सुन्दरता दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
  8. राम और श्याम की मित्रता पूरे गाँव में मशहूर है।
  9. लंबी यात्रा के बाद सबको थकान हो गई।
  10. सैनिकों ने युद्ध में बड़ा साहस दिखाया।

भाववाचक संज्ञा के 20 उदाहरण: ऊपर के 10 के साथ — दुःख, क्रोध, शांति, गरीबी, स्वतंत्रता, चतुराई, ऊँचाई, लिखावट, घबराहट, ममता।

50 उदाहरण चाहिए तो नीचे की तालिका की पहली 50 पंक्तियाँ लिख लें।

भाववाचक संज्ञा के 110 उदाहरण वाक्य सहित (Bhavvachak Sangya ke Udaharan Vakya Mein)

नीचे 110 भाववाचक संज्ञा शब्द हैं, हर एक के साथ एक वाक्य जिसमें उसका प्रयोग दिखाया गया है। हर शब्द किसी भाव, गुण, दशा या अवस्था का नाम है।

क्रमांकभाववाचक शब्दउदाहरण वाक्य
1प्यारमाँ का प्यार अनमोल होता है।
2दुःखउसकी आँखों में दुःख था।
3आश्चर्यउसके अचानक आने से सबको आश्चर्य हुआ।
4शोकपिता जी के जाने का शोक सभी को है।
5उत्साहखेलने का उत्साह बच्चों में देखते ही बनता है।
6सुन्दरताफूल की सुन्दरता देखते ही बनती है।
7मिठासगुड़ की मिठास अलग ही होती है।
8कड़वाहटनीम में कड़वाहट होती है।
9खटासनींबू के रस में खटास होती है।
10चतुराईलोमड़ी की चतुराई प्रसिद्ध है।
11बुराईबुराई करने से बचना चाहिए।
12भलाईदूसरों की भलाई करनी चाहिए।
13मित्रतासच्ची मित्रता हमेशा काम आती है।
14शत्रुताशत्रुता से कुछ हासिल नहीं होता।
15ईमानदारीईमानदारी सबसे अच्छी नीति है।
16बेईमानीबेईमानी से धन कमाना ठीक नहीं है।
17सफलतामेहनत से सफलता मिलती है।
18विफलताविफलता से सीख लेनी चाहिए।
19समृद्धिदेश की समृद्धि सभी का लक्ष्य है।
20गरीबीगरीबी एक अभिशाप है।
21स्वतंत्रताहमें अपनी स्वतंत्रता प्यारी है।
22गुलामीगुलामी का जीवन कठिन होता है।
23शांतिशांति से रहना अच्छा लगता है।
24अशांतिअशांति से देश का विकास रुकता है।
25साहससिपाही में बहुत साहस होता है।
26कायरताकायरता छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए।
27दयालुतादयालुता मनुष्य का गुण है।
28निर्दयतानिर्दयता देखकर दुःख होता है।
29उदारताउदारता से दान देना चाहिए।
30संकीर्णतासंकीर्णता छोड़नी चाहिए।
31विशालतासमुद्र की विशालता देखने लायक है।
32छोटापनछोटापन दिखाना अच्छा नहीं है।
33गहराईसमुद्र की गहराई अधिक है।
34ऊँचाईपहाड़ की ऊँचाई बहुत ज्यादा है।
35लम्बाईउसकी लम्बाई अधिक है।
36चौड़ाईमैदान की चौड़ाई कम है।
37मोटापामोटापा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
38पतलापनपतलापन दिखाने की जरूरत नहीं है।
39गर्मीगर्मी में पंखा चलाना पड़ता है।
40सर्दीसर्दी में कंबल ओढ़ना अच्छा लगता है।
41नमीहवा में नमी है।
42सूखासूखा पड़ने से फसल नष्ट हो गई।
43तेजस्वितासूर्य की तेजस्विता प्रखर है।
44मंदताकाम में मंदता ठीक नहीं है।
45चमकसोने की चमक तेज होती है।
46धुँधलापनकोहरे के कारण धुँधलापन है।
47स्पष्टताउसके विचारों में स्पष्टता है।
48अस्पष्टताअस्पष्टता से बचना चाहिए।
49शुद्धतापानी की शुद्धता जांचनी चाहिए।
50अशुद्धताअशुद्धता स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
51महकफूलों की महक सुगंधित है।
52बदबूकूड़े से बदबू आ रही है।
53कोमलताफूल की पंखुड़ियों में कोमलता है।
54कठोरतापत्थर में कठोरता होती है।
55चिकनाहटतेल में चिकनाहट होती है।
56खुरदरापनदीवार में खुरदरापन है।
57भारीपनबक्से में भारीपन है।
58हल्कापनपंख में हल्कापन होता है।
59ताजगीसुबह की हवा में ताजगी है।
60थकानकाम के बाद थकान होती है।
61मुस्कुराहटउसकी मुस्कुराहट सबका मन मोह लेती है।
62स्फूर्तिव्यायाम से स्फूर्ति आती है।
63सुस्तीसुस्ती छोड़कर काम करना चाहिए।
64चुस्तीचुस्ती से काम करने पर सफलता मिलती है।
65फुर्तीबंदर में बहुत फुर्ती होती है।
66आलस्यआलस्य मनुष्य का शत्रु है।
67परिश्रमपरिश्रम से सब कुछ मिलता है।
68आरामकाम के बाद आराम करना चाहिए।
69बेचैनीबेचैनी होने पर नींद नहीं आती।
70धैर्यधैर्य रखने वाले को सब कुछ मिलता है।
71घबराहटअचानक खबर सुनकर घबराहट हुई।
72डरअंधेरे में डर लगता है।
73निर्भयतासिपाही में निर्भयता होती है।
74हिम्मतहिम्मत से काम लेना चाहिए।
75निराशानिराशा छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए।
76आशाआशा रखने से काम बनता है।
77निर्धनतानिर्धनता दूर करने का प्रयास करना चाहिए।
78अमीरीअमीरी का घमंड नहीं करना चाहिए।
79सज्जनतासज्जनता मनुष्य का गुण है।
80दुर्जनतादुर्जनता से बचना चाहिए।
81विनम्रताविनम्रता से बात करनी चाहिए।
82अभिमानअभिमान करना ठीक नहीं है।
83विवेकविवेक से काम लेना चाहिए।
84अविवेकअविवेक से अनर्थ होता है।
85ज्ञानज्ञान प्राप्त करना चाहिए।
86अज्ञानअज्ञान अंधकार है।
87बुद्धिमत्ताबुद्धिमत्ता से काम लेना चाहिए।
88मूर्खतामूर्खता करने से बचना चाहिए।
89चिंताचिंता करने से बीमारी होती है।
90निश्चिंततानिश्चिंतता से रहना चाहिए।
91उमंगत्योहारों में उमंग होती है।
92निरुत्साहनिरुत्साह होने पर काम नहीं बनता।
93लगनलगन से पढ़ाई करनी चाहिए।
94मेहनतमेहनत का फल मीठा होता है।
95मस्तीबचपन में मस्ती होती है।
96बुढ़ापाबुढ़ापा जीवन का अंतिम पड़ाव है।
97जवानीजवानी में शक्ति अधिक होती है।
98बचपनबचपन के दिन यादगार होते हैं।
99यौवनयौवन ऊर्जा से भरा होता है।
100मृत्युमृत्यु जीवन की सच्चाई है।
101ममतामाँ की ममता अतुलनीय होती है।
102अपनापनउसके व्यवहार में अपनापन झलकता है।
103परायापनभीड़ में भी परायापन महसूस होता है।
104क्रोधक्रोध में लिया गया निर्णय गलत होता है।
105घृणाघृणा से किसी का भला नहीं होता।
106लज्जाउसके चेहरे पर लज्जा छा गई।
107क्षमाक्षमा वीरों का आभूषण है।
108ईर्ष्याईर्ष्या मन को जलाती रहती है।
109करुणासंत के मन में करुणा भरी थी।
110श्रद्धाभक्तों की श्रद्धा देखते ही बनती है।

शब्दों की भाववाचक संज्ञा: घबराना, चोर, कठिन…

परीक्षा में अक्सर कोई एक शब्द देकर उसकी भाववाचक संज्ञा पूछी जाती है। नीचे सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले 44 शब्द हैं।

मूल शब्दशब्द का प्रकारभाववाचक संज्ञा
घबराना (ghabrana)क्रियाघबराहट
चोर (chor)जातिवाचक संज्ञाचोरी
कठिन (kathin)विशेषणकठिनाई / कठिनता
प्यारा (pyara)विशेषणप्यार
सुंदर (sundar)विशेषणसुंदरता / सौंदर्य
दूर (dur)अव्ययदूरी
निकट (nikat)अव्ययनिकटता
मधुर (madhur)विशेषणमधुरता / माधुर्य
सज्जन (sajjan)जातिवाचक संज्ञासज्जनता
सर्व (sarv)सर्वनामसर्वस्व
अपना (apna)सर्वनामअपनापन / अपनत्व
शत्रु (shatru)जातिवाचक संज्ञाशत्रुता
हठी (hathi)विशेषणहठ
दुखी (dukhi)विशेषणदुःख
भूखा (bhukha)विशेषणभूख
प्यासा (pyasa)विशेषणप्यास
बच्चा (bachcha)जातिवाचक संज्ञाबचपन
बालक (balak)जातिवाचक संज्ञाबालपन
लड़का (ladka)जातिवाचक संज्ञालड़कपन
युवा (yuva)विशेषणयौवन / युवावस्था
बूढ़ा (budha)विशेषणबुढ़ापा
नारी (nari)जातिवाचक संज्ञानारीत्व
व्यक्ति (vyakti)जातिवाचक संज्ञाव्यक्तित्व
पशु (pashu)जातिवाचक संज्ञापशुता / पशुत्व
भक्त (bhakt)जातिवाचक संज्ञाभक्ति
पंडित (pandit)जातिवाचक संज्ञापांडित्य / पंडिताई
राजा (raja)जातिवाचक संज्ञाराज्य / राजत्व
दोस्त (dost)जातिवाचक संज्ञादोस्ती
चालाक (chalak)विशेषणचालाकी
बुरा (bura)विशेषणबुराई
दयालु (dayalu)विशेषणदयालुता
कुशल (kushal)विशेषणकुशलता
काला (kala)विशेषणकालापन / कालिमा
छोटा (chhota)विशेषणछोटापन / छुटपन
कम (kam)विशेषणकमी
बहुत (bahut)विशेषणबहुतायत
रोना (rona)क्रियारुलाई
हँसना (hansna)क्रियाहँसी
थकना (thakna)क्रियाथकान / थकावट
मीठा (meetha)विशेषणमिठास
खट्टा (khatta)विशेषणखटास
गरीब (garib)विशेषणगरीबी
वीर (veer)विशेषणवीरता
मनुष्य (manushya)जातिवाचक संज्ञामनुष्यता / मनुष्यत्व

ध्यान दें: दुःख, हठ और प्यार अपने-आप में भाववाचक संज्ञा हैं; इनका मूल रूप विशेषण (दुखी, हठी, प्यारा) होता है।

भाववाचक संज्ञा की परिभाषा (Bhavvachak Sangya ki Paribhasha)

भाववाचक संज्ञा की परिभाषा और पहचान डायग्राम

भाववाचक संज्ञा उस संज्ञा शब्द को कहते हैं जो किसी पदार्थ का बोध न कराकर उसके गुण, दोष, भाव, दशा, अवस्था, स्वभाव या किसी विचार का बोध कराती है। सरल शब्दों में — जो शब्द किसी भावना या अनुभूति का नाम होता है, वह भाववाचक संज्ञा कहलाता है। जैसे मिठास (गुण), बुराई (दोष), बचपन (अवस्था)। यह हमेशा अमूर्त होती है, यानी इसे इंद्रियों से देखा, छुआ या चखा नहीं जा सकता — केवल अनुभव किया जा सकता है। इसी वजह से यह व्यक्तिवाचक संज्ञा और समूहवाचक संज्ञा से अलग होती है, जो किसी वास्तविक व्यक्ति, वस्तु या समूह की ओर संकेत करती हैं।

भाववाचक संज्ञा के कितने प्रकार होते हैं?

भाववाचक संज्ञा के कोई अलग प्रकार या भेद नहीं होते। यह स्वयं संज्ञा का एक भेद है, इसलिए इसका आगे कोई उपविभाजन नहीं किया जाता। कई वेबसाइटों पर इसके “समुदायवाचक” या “द्रव्यवाचक” प्रकार बताए जाते हैं — ये किसी मान्य पाठ्यपुस्तक में नहीं मिलते और परीक्षा में लिखने पर अंक कट सकते हैं।

परीक्षा में जो वास्तव में पूछा जाता है वह है — भाववाचक संज्ञा किन-किन शब्दों से बनती है। इसके पाँच स्रोत हैं: जातिवाचक संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया और अव्यय। इन्हीं पाँचों को नीचे उदाहरण सहित समझाया गया है।

भाववाचक संज्ञा बनाने के नियम (प्रत्यय तालिका)

भाववाचक संज्ञा बनाने के लिए मूल शब्द के अंत में प्रत्यय जोड़ा जाता है। याद रखने की ट्रिक — “ता, पन, आस, त्व, हट, आवट देखो — भाव बन गया!” नीचे हर प्रत्यय और उसका सही उदाहरण दिया गया है।

प्रत्ययमूल शब्दभाववाचक संज्ञा
तासुंदर, मित्र, मनुष्यसुंदरता, मित्रता, मनुष्यता
पनबच्चा, लड़का, अपनाबचपन, लड़कपन, अपनापन
आपाबूढ़ा, मोटाबुढ़ापा, मोटापा
आसमीठा, खट्टामिठास, खटास
आईभला, चतुर, पढ़नाभलाई, चतुराई, पढ़ाई
त्वमनुष्य, देव, गुरुमनुष्यत्व, देवत्व, गुरुत्व
हटघबराना, चिकना, कड़वाघबराहट, चिकनाहट, कड़वाहट
आवटसजना, बनना, लिखनासजावट, बनावट, लिखावट
यसुंदर, मधुरसौंदर्य, माधुर्य
ईगरम, चोर, बोलनागरमी, चोरी, बोली

1. जातिवाचक संज्ञा से भाववाचक संज्ञा

जातिवाचक संज्ञाभाववाचक संज्ञा
मित्रमित्रता
बच्चाबचपन
देवदेवत्व
नौकरनौकरी
शत्रुशत्रुता
मनुष्यमनुष्यता

2. सर्वनाम से भाववाचक संज्ञा

यह वह भाग है जो ज़्यादातर लेखों में छूट जाता है, जबकि परीक्षा में सीधे पूछा जाता है।

सर्वनामभाववाचक संज्ञा
अपनाअपनापन / अपनत्व
परायापरायापन
ममममता
निजनिजत्व
स्वस्वत्व
सर्वसर्वस्व

3. विशेषण से भाववाचक संज्ञा

विशेषणभाववाचक संज्ञा
मीठामिठास
गरमगरमी
सुन्दरसुन्दरता
चतुरचतुराई
ऊँचाऊँचाई
मधुरमाधुर्य

विशेषण से बनने वाले रूपों को समझने के लिए विशेषण के कितने भेद होते हैं वाला लेख भी पढ़ें।

4. क्रिया से भाववाचक संज्ञा

क्रियाभाववाचक संज्ञा
लड़नालड़ाई
कमानाकमाई
बोलनाबोली
पढ़नापढ़ाई
सजनासजावट
घबरानाघबराहट

5. अव्यय से भाववाचक संज्ञा

अव्ययभाववाचक संज्ञा
निकटनिकटता
दूरदूरी
शीघ्रशीघ्रता
समीपसमीपता
धीरेधीरज
मनामनाही
भाववाचक संज्ञा प्रत्यय चार्ट — ता, पन, आपा, आस, त्व, हट, आवट

भाववाचक संज्ञा पहचानने की 5 आसान ट्रिक्स

  1. क्या शब्द किसी भाव, गुण, दशा या अवस्था का नाम है?
  2. क्या उसे छू या देख सकते हैं? → नहीं → भाववाचक संज्ञा
  3. क्या अंत में ता, पन, आपा, आस, त्व, हट, आवट जैसा प्रत्यय है?
  4. क्या मूल शब्द जातिवाचक संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया या अव्यय है?
  5. वाक्य में लगाकर देखें — यदि भाव का बोध हो तो भाववाचक संज्ञा है।

यदि इनमें से अधिकांश उत्तर “हाँ” हैं, तो वह शब्द भाववाचक संज्ञा है।

और पढ़ें: हिंदी व्याकरण की पूरी गाइड और जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण

जहाँ सबसे ज़्यादा गलती होती है: मिठास बनाम मिठाई

एक ही मूल शब्द से बने दो रूपों में से अक्सर गलत वाला चुन लिया जाता है। नियम आसान है — जो शब्द किसी वस्तु का नाम बन जाए वह भाववाचक नहीं रहता। “मिठास” एक गुण है, इसलिए भाववाचक संज्ञा है; “मिठाई” एक वस्तु है जिसे खाया जा सकता है, इसलिए वह जातिवाचक संज्ञा है।

मूल शब्दभाववाचक संज्ञा (सही)जातिवाचक संज्ञा (गलत उत्तर)
मीठामिठासमिठाई
सजनासजावटसाज-सामान
बुननाबुनाईबुनकर
लिखनालिखावटलेखक
चोरचोरीचोर

भाववाचक संज्ञा और गुणवाचक विशेषण में क्या अंतर है?

भाववाचक संज्ञा किसी गुण का नाम होती है, जबकि गुणवाचक विशेषण किसी संज्ञा के गुण को बताता है। जैसे “मिठास” भाववाचक संज्ञा है — यह गुण का नाम है। वहीं “मीठा” विशेषण है, जो किसी संज्ञा के गुण को बताता है — जैसे “मीठा फल”। पहचान का सबसे आसान तरीका: यदि शब्द अकेला वाक्य का कर्ता बन सकता है (मिठास बढ़ गई) तो वह संज्ञा है; यदि उसे किसी नाम के साथ जोड़ना पड़े (मीठा आम) तो वह विशेषण है।

भाववाचक, जातिवाचक और व्यक्तिवाचक संज्ञा में अंतर

संज्ञा के मुख्य तीन भेद माने जाते हैं — व्यक्तिवाचक, जातिवाचक और भाववाचक। कई पाठ्यपुस्तकें समूहवाचक और द्रव्यवाचक को अलग गिनकर संज्ञा के पाँच भेद बताती हैं। तीनों मुख्य भेदों का अंतर एक नज़र में:

आधारव्यक्तिवाचक संज्ञाजातिवाचक संज्ञाभाववाचक संज्ञा
किसका नामकिसी एक ख़ास व्यक्ति, जगह या वस्तु कापूरी जाति या वर्ग काभाव, गुण, दशा या अवस्था का
देख या छू सकते हैं?हाँहाँनहीं, सिर्फ़ महसूस कर सकते हैं
उदाहरणराम, दिल्ली, गंगालड़का, शहर, नदीबचपन, मिठास, शांति
वाक्यराम स्कूल गया।लड़के मैदान में खेल रहे हैं।बचपन सबसे सुंदर समय होता है।

तीनों का संबंध भी है: जातिवाचक “बच्चा” से भाववाचक “बचपन” बनता है। बाकी भेदों के उदाहरण: व्यक्तिवाचक संज्ञा के उदाहरण, समूहवाचक संज्ञा, द्रव्यवाचक संज्ञा, और पूरी जानकारी के लिए संज्ञा किसे कहते हैं।

भाववाचक संज्ञा से सम्बंधित प्रश्न (FAQs)

भाववाचक संज्ञा किसे कहते हैं?

भाववाचक संज्ञा वे शब्द हैं जो किसी भाव, गुण, दशा, अवस्था या विचार का बोध कराते हैं। ये किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध नहीं कराते। इन्हें हम केवल महसूस कर सकते हैं, देख या छू नहीं सकते। जैसे प्रेम, ईमानदारी, बचपन, मोटापा, गर्मी।

भाववाचक संज्ञा के 10 उदाहरण क्या हैं?

भाववाचक संज्ञा के 10 उदाहरण हैं: प्यार, बचपन, मिठास, बुढ़ापा, ईमानदारी, निराशा, सुन्दरता, मित्रता, थकान और साहस। ये सभी किसी भाव, गुण या अवस्था का नाम हैं, इसलिए इन्हें छुआ नहीं जा सकता।

भाववाचक संज्ञा के कितने प्रकार होते हैं?

भाववाचक संज्ञा के कोई अलग प्रकार या भेद नहीं होते। यह स्वयं संज्ञा का एक भेद है, इसलिए इसका आगे उपविभाजन नहीं किया जाता। परीक्षा में जो पूछा जाता है वह यह है कि भाववाचक संज्ञा किन शब्दों से बनती है — इसके पाँच स्रोत हैं: जातिवाचक संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया और अव्यय।

सर्वनाम से भाववाचक संज्ञा कैसे बनती है?

सर्वनाम शब्दों में पन, ता या त्व प्रत्यय जोड़कर भाववाचक संज्ञा बनाई जाती है। जैसे अपना से अपनापन, पराया से परायापन, मम से ममता, निज से निजत्व, स्व से स्वत्व और सर्व से सर्वस्व।

क्या मिठाई भाववाचक संज्ञा है?

नहीं, मिठाई भाववाचक संज्ञा नहीं है। मिठाई एक वस्तु है जिसे देखा और खाया जा सकता है, इसलिए वह जातिवाचक संज्ञा है। मीठा से बनी भाववाचक संज्ञा मिठास है, क्योंकि मिठास एक गुण है जिसे केवल महसूस किया जा सकता है।

क्या सभी भाववाचक संज्ञाएँ अमूर्त होती हैं?

हाँ, भाववाचक संज्ञाएँ सदैव अमूर्त होती हैं क्योंकि ये भावनाओं, गुणों और अवस्थाओं के नाम हैं। इन्हें हम देख, सुन, छू, सूँघ या चख नहीं सकते, केवल महसूस कर सकते हैं। जैसे गर्मी को महसूस किया जा सकता है, पर उसे हाथ में नहीं लिया जा सकता।

घबराहट कौन सी संज्ञा है?

घबराहट भाववाचक संज्ञा है। यह क्रिया घबराना में -हट प्रत्यय जोड़कर बनती है और मन की एक दशा का नाम है। वाक्य: परीक्षा से पहले उसे घबराहट हो रही थी।

खटास कौन सी संज्ञा है?

खटास भाववाचक संज्ञा है। यह विशेषण खट्टा से बनती है और स्वाद के एक गुण का नाम है, जैसे नींबू में खटास होती है।

संज्ञा के कितने भेद होते हैं?

संज्ञा के मुख्य तीन भेद हैं: व्यक्तिवाचक, जातिवाचक और भाववाचक। कई पाठ्यपुस्तकें समूहवाचक और द्रव्यवाचक को अलग गिनकर पाँच भेद मानती हैं।

निष्कर्ष

भाववाचक संज्ञा पहचानने का सबसे भरोसेमंद तरीका यही है — शब्द को छूकर या देखकर सत्यापित नहीं किया जा सकता, केवल महसूस किया जा सकता है। ऊपर दी गई 110 शब्दों की सूची और प्रत्यय तालिका याद कर लें, परीक्षा में इससे बाहर कुछ कम ही पूछा जाता है। संज्ञा के बाकी भेदों के लिए संज्ञा किसे कहते हैं पढ़ें, और अभ्यास जारी रखने के लिए द्रव्यवाचक संज्ञा के 109 उदाहरण देखें। कोई शब्द अटक रहा हो तो कमेंट में पूछ लें।

इसी विषय में और पढ़ें